Priyank Sharma

Priyank Sharma

Writer | Poet | Calligraphy Artist

कोई पूछे जो कौन हूँ मैं। कह देना पागल है। ना कोई मंजिल है। ना कोई ठिकाना है। आवारा सा फिरता है। कह देना बादल है। ना कोई एहसास है। ना कोई जज्बात है। दर्द ही देता है। कह देना पत्थर है।ना कोई सपना है। ना कोई अपना है। सबने ठुकरा दिया है। कह देना काफिर है। […]

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ये बेमौसम बरसातें ...

ये बेमौसम बरसातें जब भी आती हैं।
अपने साथ ये तेरी यादें भी ले आती हैं।

ये सर्द हवाएँ तेरे संग होने का हमको अहसास कराती।
जैसे तू चुपके से आती हैं और सीने से लग जाती हैं।
ये बारिश की बूंदें धरती पर गिर कर ऐसा राग बनाती हैं।
जैसे तू कानों में मेरे कोई गीत सुनाती है।

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Priyank Sharma

जाने क्यों मुझको मोहब्बत हो गयी।
इस दिल को किसी की चाहत हो गयी।
कभी जन्नत हुआ करती थी जिन्दगी।
आज यही जिन्दगी आफत हो गयी।

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Priyank Sharma

देख कर मुझको नजरे चुराने लगी है।शायद वो भी मुझको चाहने लगी है। पल में रूठ जाना।पल में मान जाना।बेवजह मुझको सताना।फिर प्यार से मनाना।रोज नयी अदाएं दिखने लगी है।शायद वो भी मुझको चाहने लगी है। सुबह मुझको उठाना।रातों को जगाना।मेरे सामने आना।धीरे से मुस्कुराना।अपना वक्त मेरे संग बिताने लगी है।शायद वो भी मुझको चाहने […]

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Priyank Sharma

चलो आज साल भर पीछे जाते हैं।क्या खोया है क्या पाया है हम आज हिसाब लगाते हैं।कुछ पराये अपने से लगे कितने ही अपने गैर हो गए।जो साया बन साथ रहते थे जाने कहाँ अंधेरों में खो गए। किसी ने यकीन तोडा किसी ने दिल दुखाया।किसी ने कर के प्यारी-प्यारी बातें हम को सच मए […]

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