वक़्त की मजबूरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें। बिछड़ जाने का ये भी। अच्छा बहाना है। तुमको खुश रखने हैं अपने। मुझको भी दिल समझना है। साजिश भी ये पूरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें।
यादें तेरी बहुत सताएंगी। मुश्किल तुझे भुलाना है। तू खुश रहना तेरे जीवन मे। हमको भी संभल जाना है। कोशिश तो अब पुरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें।
ना मैं तेरा नसीब हूँ। ना तू मेरा नसीब है। ना मैं तेरे करीब हूँ। ना तू मेरे करीब है। ये किस्मत की मंजूरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें।
पूरी नहीं हुई आरजू भी। ख्वाइश भी अधूरी रह गयी। तेरी मोहब्बत की इस दिल को। चाहत भी पूरी है। कहानी ये अधूरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें।

ー Priyank Sharma.