Category: Sad Poetry

कोई तुमसे जो पूछे कौन हूँ मैं। कह देना तुम कोई खास नहीं। एक दोस्त कच्चा-पक्का सा। एक झूठा थोडा सच्चा सा। एक गुजरा हुए लम्हे सा। एक बाहाना अच्छा सा। एक बिछड़ा हुआ साथी है। जो अब दिल के पास नहीं।कोई तुमसे जो पूछे कौन हूँ मैं। कह देना तुम कोई खास नहीं। एक […]

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तू जो मेरे इतने करीब है। ना जाने तू किसका नसीब है। तू जो मेरे दिल की राहत है। ना जाने तू किसकी चाहत है। तू जिसके पास मेरे दिल की जागीर है। ना जाने तू किसकी तकदीर है।तू जो साथ मेरे अब तक है। ना जाने तुझ पर किसका हक है। तू जिसकी मेरे […]

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वक़्त की मजबूरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें। बिछड़ जाने का ये भी। अच्छा बहाना है। तुमको खुश रखने हैं अपने। मुझको भी दिल समझना है। साजिश भी ये पूरी है। के हम तुम दूर रहें। शायद यही जरूरी है। के हम तुम दूर रहें।यादें […]

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तोड़ करके सारी कसमें। भूल कर सारे वादें। रंग अपना दिखा ही दिया। आखिर तुमने हमको भुला ही दिया।क्या वो चाहत झूठी थी। मुझको जाल में फसाने के लिये। क्या वो खेल था तेरा। कुछ समय बीताने के लिये। तोड़ करके सारे सपने। दूर कर सारे भ्रम। तेरा असली चेहरा दिखा ही दिया। आखिर तुमने […]

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ये लफ्ज आखरी हैं। मुझे माफ कर देना यारो। भुला देना हर खता मेरी। दिल साफ कर देना यारो। अब नहीं होगी हम-कलाम हमसे। ना ही हमसे मुलाकात होगी।

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कोई पूछे जो कौन हूँ मैं। कह देना पागल है। ना कोई मंजिल है। ना कोई ठिकाना है। आवारा सा फिरता है। कह देना बादल है। ना कोई एहसास है। ना कोई जज्बात है। दर्द ही देता है। कह देना पत्थर है।ना कोई सपना है। ना कोई अपना है। सबने ठुकरा दिया है। कह देना काफिर है। […]

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Priyank Sharma

जाने क्यों मुझको मोहब्बत हो गयी।
इस दिल को किसी की चाहत हो गयी।
कभी जन्नत हुआ करती थी जिन्दगी।
आज यही जिन्दगी आफत हो गयी।

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Priyank Sharma

चलो आज साल भर पीछे जाते हैं।क्या खोया है क्या पाया है हम आज हिसाब लगाते हैं।कुछ पराये अपने से लगे कितने ही अपने गैर हो गए।जो साया बन साथ रहते थे जाने कहाँ अंधेरों में खो गए। किसी ने यकीन तोडा किसी ने दिल दुखाया।किसी ने कर के प्यारी-प्यारी बातें हम को सच मए […]

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