Category: Rain Poetry

ये बेमौसम बरसातें ...

ये बेमौसम बरसातें जब भी आती हैं।
अपने साथ ये तेरी यादें भी ले आती हैं।

ये सर्द हवाएँ तेरे संग होने का हमको अहसास कराती।
जैसे तू चुपके से आती हैं और सीने से लग जाती हैं।
ये बारिश की बूंदें धरती पर गिर कर ऐसा राग बनाती हैं।
जैसे तू कानों में मेरे कोई गीत सुनाती है।

Read more