Category: Dedicated Poetry

मन में लाखों उलझन थी। दिल में खासा शोर था। ये बात उन दिनों की है यारो। जब प्रेम-पत्र का दौर था। सबके छुपकर तन्हाई में। खत हम लिखा करते थे। अक्सर खत के पन्नों में। एक-दूजे के चेहरे दिखते थे।कदम-कदम पर पहरे थे। डरते थे घबराते थे। हिम्मत कर के छूप-छूप कर। एक-दूजे को […]

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उसने मेरे सवाल का जवाब लिखा दे। जवाब में उसने इनकार भी लिखा है। बिखरी हुई सियाही बयान करती है। उसने आँखों से इकरार भी लिखा है। उसने अपने दिल की कहानी लिखी है। अपनी मोहब्बत का वास्ता भी लिखा है। ये भी लिखा है मेरे घर ना आना। साफ लफ्जो में घर का रास्ता […]

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साथ जो जी रहे हैं हम। साथ अपना ये हो ना हो।ये पल कल याद आएंगे। ये पल ना भूल पाएंगे। ये एक-दूसरे को देखकर हँसना। ये एक-दूसरे को देरतक तकना। ये रातों को बातें करना। ये बातों से मन ना भरना। ये रूठ कर खामोश रहना। ये मनाने पर सब कुछ कहना। ये छोटी […]

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तू जो मेरे इतने करीब है। ना जाने तू किसका नसीब है। तू जो मेरे दिल की राहत है। ना जाने तू किसकी चाहत है। तू जिसके पास मेरे दिल की जागीर है। ना जाने तू किसकी तकदीर है।तू जो साथ मेरे अब तक है। ना जाने तुझ पर किसका हक है। तू जिसकी मेरे […]

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जब-जब मैं सोचता हूँ यही बस सोचता हूँ। तन्हाई में अक्सर तुमको ही क्यों सोचता हूँ। मिलती नहीं फुरसत ख्यालों से तेरे। तेरे संग मेरी दोस्ती को सोचता हूँ।

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ये बेमौसम बरसातें ...

ये बेमौसम बरसातें जब भी आती हैं।
अपने साथ ये तेरी यादें भी ले आती हैं।

ये सर्द हवाएँ तेरे संग होने का हमको अहसास कराती।
जैसे तू चुपके से आती हैं और सीने से लग जाती हैं।
ये बारिश की बूंदें धरती पर गिर कर ऐसा राग बनाती हैं।
जैसे तू कानों में मेरे कोई गीत सुनाती है।

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Priyank Sharma

देख कर मुझको नजरे चुराने लगी है।शायद वो भी मुझको चाहने लगी है। पल में रूठ जाना।पल में मान जाना।बेवजह मुझको सताना।फिर प्यार से मनाना।रोज नयी अदाएं दिखने लगी है।शायद वो भी मुझको चाहने लगी है। सुबह मुझको उठाना।रातों को जगाना।मेरे सामने आना।धीरे से मुस्कुराना।अपना वक्त मेरे संग बिताने लगी है।शायद वो भी मुझको चाहने […]

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