तोड़ करके सारी कसमें। भूल कर सारे वादें। रंग अपना दिखा ही दिया। आखिर तुमने हमको भुला ही दिया।
क्या वो चाहत झूठी थी। मुझको जाल में फसाने के लिये। क्या वो खेल था तेरा। कुछ समय बीताने के लिये। तोड़ करके सारे सपने। दूर कर सारे भ्रम। तेरा असली चेहरा दिखा ही दिया। आखिर तुमने हमको भुला ही दिया।
बस्ती थी धड़कन में। दिल में मेरे रहती थी तू। तुम सदा मेरे ही रहना। ये बार-बार कहती थी तू। तोड़ कर के दिल मेरा। छीन कर के सारी खुशियाँ। आज मुझको रुला ही दिया। आखिर तुमने मुझको भुला ही दिया।

ー Priyank Sharma.