ये लफ्ज आखरी हैं। मुझे माफ कर देना यारो। भुला देना हर खता मेरी। दिल साफ कर देना यारो। अब नहीं होगी हम-कलाम हमसे। ना ही हमसे मुलाकात होगी। चाँद लम्हों क लिए ही सही सबकी जुबान पर हमारी ही बात होगी। जो टूटी हुई है दिलों वाली डोर। दोनों सिरे उसके मिलाकर एक साथ कर देना यारो। ये लफ्ज आखरी हैं। मुझे माफ कर देना यारो।
हर तस्वीर मेरी जला देना। हर याद मेरी मिटा देना भुला लर हर भूल मेरी। फिर मुझको भी भुला देना। मेरे दुश्मनों को भी। मेरा सलाम कर देना यारो। ये लफ्ज आखरी हैं। मुझे माफ कर देना यारो।
ना कोई खत। ना कोई निशानी छोड़ जा रहा हूँ। याद कर के मुस्कुराया करोगे। बातें वो पुरानी छोड़ जा रहा हूँ। याद कर उन बातों को। आँखों से बरसात ना कर देना यारो। ये लफ्ज आखरी हैं। मुझसे माफ कर देना यारो।
निकला हूँ उस सफर पर। जहाँ से कोई लौट कर नही आता। टूट जाता है जो पत्ता डाल से। फिर उस पर अशरा नहीं पाता। काटें सारे चुन ले जा रहा हूँ। जिंदगी में अपनी फूलों की बरसात कर देना यारो। ये लफ्ज आखरी हैं। मुझे माफ कर देना यारो। भुला देना हर खता मेरी। दिल साफ कर देना यारों।

ー Priyank Sharma.